जमीन का केवाला क्या होता है? Jamin Ka Kewala Kya Hota Hai | संपूर्ण जानकारी

Jamin Ka Kewala Kya Hota Hai? आपने बिहार झारखण्ड में एक शब्द सुना होगा “जमीन का केवाला”। क्या आप इसके बारे में जानते है। अगर नहीं तो आप बिलकुल सही जगह आएं हैं क्यूंकि इस लेख में आपको जमीन का केवाला के बारे में पूरी जानकारी मिलेगी। बिहार सरकार द्वारा भूमि जानकारी के लिए एक पोर्टल शुरू किया है। बिहार के नागरिक इस पोर्टल के माध्यम से घर बैठे जमीन का केवाला ऑनलाइन देख एवं निकाल सकते हैं। इन सभी जानकारी को पाने के लिए इस आर्टिकल ध्यानपूर्वक पढ़ना होगा।

क्या आपको पता है कि जमीन का केवाला क्या होता है? और केवाला का क्या महत्व है? इसके बारे में आज हम आपको सिंपल भाषा में बताने वाले हैं। केवाला क्या होता है? इसका जानकारी आपको होना बहुत ही जरूरी है।

जमीन का केवाला क्या होता है? Jamin Ka Kewala Kya Hota Hai?

केवाला एक ऐसा समझौता फॉर्म है जो क्रेता और विक्रेता के बीच समझौता है उसका सारा डिटेल दिया होता है। आप कितना जमीन ले रहे हैं और वह जमीन का चौहद्दी क्या है, उस जमीन का खाता संख्या क्या है, उस जमीन के चारों तरफ क्या है। यह पूरा विवरण उस रजिस्टर्ड डीड में होता है।
इसमें रजिस्ट्रार ऑफिस का हस्ताक्षर व मुहर होता है और क्रेता और विक्रेता के बीच आपसी समझौता होता है जो उस एग्रीमेंट में लिखा होता है। इसके अलावा क्रेता पक्ष और विक्रेता पक्ष के गवाहों के भी हस्ताक्षर होते हैं। इसे ही हम रजिस्टर्ड डीड के नाम से जानते हैं।

जमीन का केवाला (सेल डीड) एक कानूनी दस्तावेज है जो संपत्ति विक्रेता से क्रेता को स्वामित्व अधिकारों के हस्तांतरण के प्रमाण के रूप में कार्य करता है। यह जमीन लेनदेन में एक आवश्यक दस्तावेज है। बिना केवाला (सेल डीड) के आप उस जमीन के पूर्णतः मालिक नहीं होते है।

जमीन केवाला के बाद अब वह जमीन उस क्रेता की हो जाती है लेकिन लेकिन अगर वह क्रेता भविष्य में दोबारा उस प्रॉपर्टी को बेचना चाहे तो वह जमीन केवाला से केवाला ट्रांसफर होगा। इस प्रक्रिया में खतियान की जरूरत नहीं पड़ेगी।

इन्हें भी पढ़ें -   दाखिल खारिज करवाने में कौन-कौन से डॉक्यूमेंट लगते हैं? - Land Mutation Documents 2024

जमीन के केवाला में कौन-कौन सी जानकारियां होती है?

आपको बता दें कि जमीन के केवाला में खरीदने वाले व्यक्ति का नाम, बेचने वाले व्यक्ति का नाम, जमीन की कुल कीमत, उस जमीन का खसरा नंबर, जमीन का खाता नंबर, जमीन का प्लॉट नंबर, जमीन का चौहद्दी यानी उस प्लॉट के चारों तरफ क्या है तथा जमीन बिक्री में मौजूद गवाहों के नाम और इसके बारे में विस्तृत जानकारी होती है।
इसके अलावा जमीन के खरीद में स्टांप ड्यूटी का पूरा विवरण दिया होता है।

यदि कोई व्यक्ति जमीन बेच रहा है तो खतियान और केवाला यानी सेल डीड दोनो के माध्यम से बेच सकता है लेकिन अगर किसी व्यक्ति का खतियान से केवाला (सेल डीड) हो चुका है तो अब उस व्यक्ति को खतियान की जरूरत नहीं पड़ेगी। वह उस केवाला के जरिए भी जमीन को बेच सकता है यानी अब केवाला से केवाला तैयार किया जा सकता है।

Note – केवाला को इंग्लिश में सेल डीड कहा जाता है।

जमीन का केवाला ऑनलाइन कैसे निकालें?

Jamin Ka Kewala Kya Hota Hai

भारत में अधिकतर लोग कंफ्यूज रहते हैं कि जमीन का केवाला कैसे निकाला जाता है? इसके ऊपर काफी सारे पोस्ट और वीडियोस देखने को मिल जाते हैं लेकिन कहीं भी स्पष्ट जानकारी नहीं मिलती। लेकिन मैं आपको बताऊंगा कि आप जमीन का केवाला फ्री में कैसे निकाल सकते हैं? उदाहरण के लिए मैं आपको झारखण्ड राज्य का केवाला कैसे निकालते हैं उसके बारे में बताता हूँ।

  1. जमीन का जानकारी और केवाला निकालने के लिए आपको राज्य सरकार की भूमि व राजस्व के ऑफिसियल वेबसाइट पर जाना होगा |
  2. उसके बाद उसमे जिला और अंचल का चुनाव करना होगा
  3. उसके बाद आपको जमीन से जुडी हुई कुछ जानकारियां देनी होगी।
  4. फिर आपके सामने जमीन का केवाला निकल कर आ जायेगा।
  5. आप चाहें तो उस जमीन के केवाला को डाउनलोड भी कर सकते हैं।

तो इस तरीके से आप किसी भी राज्य की जमीन का केवाला आसानी से निकाल सकते हैं।

बिहार में केवाला ऑनलाइन कैसे निकाले?

अगर बिहार में आपकी जमीन को खरीदे हुए 25 साल से भी ज्यादा हो गए हैं तो आप आसानी से जमीन का केवाला (Bihar Old Property Document) को आसानी से निकाल सकते है। आजकल भारत सरकार ने सभी राज्यों के लिए भूलेख विभाग की ऑफिशल वेबसाइट लांच की है जहां पर आप ऑनलाइन घर बैठे ही इन से जुड़ी हुई सारी जानकारी चेक कर सकते हैं और अपनी पुरानी से पुरानी भूमि के दस्तावेजों को प्राप्त कर सकते हैं।

इन्हें भी पढ़ें -   जमीन का दाखिल खारिज क्यों जरूरी है? - जानिए 4 बड़े Dakhil Kharij Ke Benefits क्या है?

बिहार में जमीन का केवाला देखने के लिए नीचे दिए गए स्टेप को फॉलो करें

  • सबसे पहले आप Bihar Bhoomi वेबसाइट को ओपन करे
  • वेबसाइट में जमाबंदी पंजी देखें पर क्लिक करें
  • उसके बाद अपना जिला (District) सेलेक्ट करे
  • अपना अंचल (Block) सेलेक्ट करे
  • मौजा का नाम चुने (मौजा का मतलब गांव)
  • अब आपको जमाबंदी खोजने के लिए नीचे दिए गए विकल्पों को चुनना होगा जैसे :

भाग बर्तमान

पृष्ट संख्या बर्तमान

रैयत का नाम से खोजे

प्लाट नंबर से खोज

खाता नंबर से खोजे

जमाबन्दी संख्या से खोजे

समस्त पंजी-२ को नाम के अनुसार देखें

  • आपके सामने लिस्ट खुल जायेगी। लिस्ट में से अपना नाम चुने
  • उसके बाद जमाबंदी देखे पर क्लिक करें
  • अब आप बिहार भूलेख जमाबंदी खतियान की नकल डाउनलोड कर सकते हैं।

खतियान क्या होता है? (Khatiyan Kya Hota Hai)

खतियान एक ऐसा दस्तावज है जिसमें जमीन से संबंधित एक व्यक्ति के सभी जानकारी को एक खतियान में रखा जाता है। खतियान को बहुत जगह खतौनी भी कहते हैं। खतियान हमेशा जमीन के सर्वे के बाद बनाया जाता है और जब भी जमीन का सर्वे किया जाता है उसमें वैसे नए लोग जो भूमि को किसी अन्य व्यक्ति के द्वारा खरीदते हैं उन सभी जमीन को नए खतियान बनाकर दर्ज कर दिया जाता है और वह जमीन खातियानी जमीन हो जाता है।

खतियान के कितने प्रकार होते हैं (Khatiyan Kitne Prakar Ke Hote Hai?)

खतियान कई प्रकार के होते हैं जैसे :-

  • रैयती खतियान
  • शीकमी खतियान
  • गैरमजुरवा आम
  • गैरमजुरवा खास
  • मुस्त वाह खतियान
  • सिंचाई विभाग
  • वन भूमि
  • राज्य सरकार का खतियान
  • भारत सरकार का खतियान

CONCLUSION

तो दोस्तों अब आप समझ चुके होंगे कि जमीन के केवाला का क्या मतलब होता है? जमीन का केवाला ऑनलाइन कैसे निकालें ? मुझे भरोसा है कि आपके लिए यह जानकारी बहुत ही महत्वपूर्ण रहा होगा  अगर आपको कुछ समझ में  नहीं आया हो तो आप हमें कमेंट करके पूछ सकते हैं।

दोस्तों अगर आपको यह पोस्ट पसंद आया हो तो यह जानकारी अपने दोस्तों के साथ शेयर करें ताकि वह लोग भी इस जानकारी को समझ सके।

 

[helpie_faq group_id=’84’/]

Sharing Is Caring:

Hello friends, My name is Ajit Kumar Gupta I am the writer and founder of Property Sahayta and share all the information related to real estate investment tips and property guides through this website.

Leave a Comment

error: Content is protected !!